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सीतामढ़ी जिले के 2065 स्कूलों में पहली बार पैरेन्ट्स टीचर मीटिंग आयोजित, अभिभावकों में दिखा उत्साह

ByFocus News Ab Tak

Oct 20, 2022

अमित कुमार की रिपोर्ट


सीतामढ़ी, जिले के 2065 सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को लेकर गुरुवार को विभिन्न प्रारंभिक स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में सभी स्कूल के कक्षा 1 में अध्ययनरत बच्चांे के अभिभावकों को आमंत्रित कर बुलया गया था। पहली बार निजी स्कूलों के तर्ज पर पैरेन्ट्स टीचर्स मीटिंग का आयोजन गुरुवार को किया गया। पहली बार हुई इस बैठक के लिए अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

इस दौरान स्कूलों में चहक मॉड्यूल के तहत गतिविधियों के साथ स्कूल किट, चिल्ड्रेन किट व पुस्तकालय के लिए उपलब्ध कराए गए पुस्तक के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी गई। स्कूल में आने वाले बच्चे व अभिभावकों को फूल देकर स्वागत किया गया। शहर के नगरपालिका मध्य विद्यालय में आयोजित अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी में पहुंचे डीईओ अवधेश प्रसाद सिंह ने बच्चों व अभिभावकों को प्रोत्साहित करते हुए बुनियादी शिक्षा के बारे में जानकारी दी। कहा कि साल 2026 तक बुनियादी साक्षरता व अक्षर ज्ञान प्राप्त करना है। इस अभियान के तहत चहक मॉड्यूल को प्रभावी रूप से स्कूलों में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के 2065 स्कूलों में यह गोष्ठी आयोजित की गई है। उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चांे के प्रति जागरूक होने की बात कहीरते हुए कहा कि बच्चो के प्रथम शिक्षक उनके माता पिता होते है।

पहला अक्षर ज्ञान बच्चे घर पर ग्रहण करते है।उसके बाद बच्चे स्कूल जाते है। बच्चो को विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए चहक मॉड्यूल विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से बच्चो को मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बच्चे खेल खेल में सीखेंगे। विद्यालय में नियमित रूप से अपने बच्चो को भेजे व समय समय पर अभिभावक अगर विद्यालय जायेंगे तो बच्चो की पढ़ाई के ढंग को भी देख पाएंगे। इससे बच्चो एवं शिक्षको का भी मनोबल भी बढ़ेगा।वही मौके पर गुणवत्ता समन्वयक अतहर तौहिद, नित्यानंद कुमार के अलावा कई अधिकारी, बच्चे व अभिभावक मौजूद रहे।
अभिभावकों ने रखे अपने सुझाव :
मुख्यालय डुमरा स्थित मध्य विद्यालय मलिकाना में प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पहंंुचे। अभिभावकों को फूल देकर स्वागत किया गया। वहीं अभिभावकों ने कक्षा 1 के बच्चों में बौद्धिक विकास को लेकर कई सुझाव दिए। साथ ही बच्चाें के लिए स्कूल में संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। डुमरा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय गरैया टोला में साक्षरता के एसआरपी संजय कुमार मधु की उपस्थिति में प्रधानाध्यपक भूपेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी के गतिविधियों एवं कार्यक्रम का अनुश्रवण किया गया। इस अवसर पर एसआरपी ने अभिवावकों को नियमित बच्चो को विद्यालय भेजने का अनुरोध भी किया। वही रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चो को पढ़ाई के प्रति जागरूक किया। मौके पर केआरपी अमित ,शिक्षक आशुतोष कुमार, भारती कुमारी,चंदन कुमार मौजूद थे। वही बाजपट्टी प्रखंड में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पूनम कुमारी द्वारा मध्य विद्यालय मधुबन, सिवाईपट्टी,व संदवार में आयोजित संगोष्ठी का अनुश्रवण किया गया। इस अवसर पर बीईओ ने अभिभावकों को चहक मॉड्यूल से शिक्षण के बारे में विस्तार से बताया साथ ही बच्चो को नियमित स्कूल भेजने को कहा। वही सभी शिक्षासेवको द्वारा अभिभावकों को लाते हुए देखा गया। केआरपी द्वारा भी स्कूलों में संगोष्ठी में भाग लिया गया।
संगोष्ठी की सफलता के लिए अधिकारियों ने किया सघन अनुश्र्वन
पैरेन्ट्स टीचर मीटिंग की सफलता के लिए डीईओ अवधेश प्रसाद सिंह, डीपीओ सर्वशिक्षा अभियान सुभाष कुमार,डीपीओ स्थापना महेश प्रसाद सिंह, डीपीओ लेखा योजना डॉ अमरेंद्र पाठक, डीपीओ मध्याह्म भोजन डॉ संजय कुमार देव ,कार्यक्रम पदाधिकारी रिषु राज सिंह,आयुष कुमार समेत सभी बीईओ,टेक्निकल टीम,एसआरपी, केआरपी को को अपने स्तर से सघन अनुश्रवण किया।

डीपीओ सुभाष कुमार ने बताया कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान
जिले के बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) विद्यालय में कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों में वर्ग सापेक्ष उपलब्धि प्राप्त करने के लिए विद्यालय स्तर पर संचालित की जा रही है। वर्तमान में कक्षा 1 के छात्र-छात्राओं के लिए चहक मॉडयूल के तहत गतिविधियां संचालित की जा रही है। नवाचारी शिक्षण के लिए विद्यालयों को स्कूल कीट तथा चिल्ड्रेन कीट उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यालयों में पुस्तकालय के लिए पुस्तकें भी उपलब्ध करायी गई है। बच्चों के पास अपनी पाठ्य पुस्तक भी उपलब्ध है। शिक्षकों द्वारा इन सभी शैक्षणिक संसाधनों को समुचित उपयोग से ही हम मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त कर पायेगें। इस पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ 20 अक्टूबर को विद्यालय में शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी करने का निर्देश विभाग द्वारा दिया गया था।

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