• Fri. Mar 31st, 2023

रामचरितमानस पर बिहार के शिक्षा मंत्री के बयान से बवाल, अयोध्या के संत बोले- जीभ काटने वाले को देंगे 10 करोड़

ByFocus News Ab Tak

Jan 13, 2023

ब्यूरो रिपोर्ट

 बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह ने रामचरित मानस पर विवादित बयान दियाय है। उनके बयान से बवाल मचा है। शिक्षा मंत्री के बयान पर अयोध्या के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है।: बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को रामचरितमानस पर एक विवादित बयान दिया है। उनके बयान से हिंदू संगठनों के साथ-साथ संत समाज में नाराजगी का भाव है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह के बयान पर अयोध्या के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मंत्री के पद को बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि रामचरितमानस पर विवादित बयान देने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह की जीभ काटने वाले को 10 करोड़ रुपए का इनाम देंगे। महंत जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि यह सनातनियों का घोर अपमान है। उनके इस बयान पर मैं कार्रवाई की मांग करता हूं कि एक सप्ताह के अंदर उनको इस पद से बर्खास्त कर दिया जाए। इधर हिंदू संगठन और भाजपा के कई नेताओं ने भी चंद्रशेखर सिंह के बयान पर आपत्ति जताई है।

ramcharitmans_row.jpg


इस तरह की टिप्पणी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगीः संत

अयोध्या के संत महंत जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि शिक्षा मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काटने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा करता हूं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रामचरितमानस तोड़ने नहीं जोड़ने वाला ग्रंथः संत

संत ने आगे कहा कि रामचरितमानस जोड़ने वाला ग्रंथ है, तोड़ने वाला नहीं। रामचरितमानस मानवता की स्थापना करने वाला ग्रंथ है। यह भारतीय संस्कृति का स्वरूप है। यह हमारे देश का गौरव है। रामचरितमानस पर इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रामचरितमानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथः बिहार के शिक्षा मंत्री

उल्लेखनीय हो रामचरितमानस पर बिहार के शिक्षा मंत्री ने नालंदा ओयपन यूनिवर्सिटी के 15वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करने के दौरान एक विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने रामचरितमानस और मनुस्मृति को समाज को बांटने वाली किताब बताया। इसका विरोध किया और कहा कि इस किताब से समाज में नफरत फैलती है।

मंत्री बोले- रामचरितमानस निचली जाति के लोगों को शिक्षा प्राप्त करने से रोकता है

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मनुस्मृति को क्यों जलाया गया था क्योंकि इसमें कई बड़े तबके के खिलाफ कई गालियां दी गई थी। निचली जाति के लोगों को शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी और रामचरितमानस में कहा गया है कि निम्न जाति के लोग शिक्षा प्राप्त करने से वैसे ही जहरीले हो जाते हैं जैसे दूध पीने के बाद सांप हो जाता है। इस बयान से बवाल मचा है। इससे पहले बिहार के राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने राम मंदिर को लेकर विवादित बयान दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *