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सीतामढ़ी-बथनाहा में दो वर्ष बाद नही हो सकी ध्वस्त पुल का निर्माण

ByFocus News Ab Tak

May 12, 2022

गौतम कुमार की रिपोर्ट

सीतामढ़ी-बथनाहा दो वर्ष बाद नही हो सकी ध्वस्त पुल का निर्माण जिसे आये दिन स्कूली बच्चों के साथ ही यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र के सहियारा पंचायत के कटही टोला के समीप से गुजरी सोरम नदी घाट पर दो वर्ष पूर्व लाखों रुपए की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था गुणवत्तापूर्ण निर्माण नही होने के कारण निर्माण के छह माह बाद पहली बाढ़ में ही यह पुल ध्वस्त हो गया था जिसे निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुल गई थी । इस पुल के ध्वस्त होने से हजारों लोगों को विगत दो वर्षों से आवागमन में भारी कठिनाइयों सामना करना पड़रहा है।मालूम हो की वर्ष 2019 के जुलाई माह में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 2करोड़ 7 लाख 66 हजार की लागत से सहियारा बाजार चौक से कटही टोला से सटे उत्तर झंडा चौक के समीप मटियार कला गांव होते सिंघरहिया चौक स्थित एनएच 77 को जोड़ने वाली पहुच पथ का निर्माण 2.808 किलोमीटर की सड़क व पुल की निर्माण कार्य संवेदक मुंद्रिका सिंह द्वारा कराया गया था।निर्माण के समय ही स्थानीय लोगों द्वारा पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर तत्कालीन वरीय अभियंता (एसकुटिव )परवेज़ आलम को हस्ताक्षरित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराया गया था।बावजूद विभागीय स्तर पर पुल निर्माण की जांच नही कीजा सकी थी।जिस कारण पहली बाढ़ में ही पुल ध्वस्त होकर जमींदोज हो गया हैं।इस पुल की ध्वस्त होने की स्थिति इतनी भयावह है कि पैदल तो लोग किसी तरह पार कर जाते है।पर दोपहिया वाहन को पार करने से पूर्व वाहन चालक भगवान की दुहाई देकर लोगों की सहयोग से पार करने की विवशता बनी रहती हैं।चार पहिया वाहन की आवागमन बिल्कुल बंद पड़ा है।बताते चले कि इस सड़क मार्ग से लक्ष्मीपुर,हनुमान नगर,मटियार,बदुरी,सोनबरसा थाना क्षेत्र के पिपरा, मड़पा, कचोर सहित दर्जनों गांवों के लोगों को सहियारा थाना अथवा जिला मुख्यालय जाने के लिए एक मात्र सुगम सड़क है।स्थानीय लोगों की माने तो जीत के बाद क्षेत्रिय भर्मण के दौरान विधायक अनिल राम को भी पुल की स्थिति से अवगत कराते हुए इसके जीर्णोद्धार की मांग किया गया था ।पर अस्वाशन के सिवा इसके निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नही किया जा सका है।जिस कारण इस होकर अबागमन प्रभावित है।इस पुल जीर्णोद्धार कब होगा यह कह पाना मुश्किल बना है।इधर लोग बाढ़ व बरसात का समय नजदीक आते देख आवागमन को लेकर खासे चिंतित नजर आते देखा जा रहा है।

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