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सीतामढ़ी-भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में राष्ट्रवाद के प्रणेता डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पुष्पांजलि कर मनाई गई।

ByFocus News Ab Tak

Jul 6, 2022

सीतामढ़ी-भारतीय जनता पार्टी कार्यालय इंडस्ट्रियल एरिया सीतामढ़ी में बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ देवेश कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रवाद के प्रणेता डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पुष्पांजलि कर मनाई गई। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और वंदे मातरम गाकर कार्यक्रम की शुरुआत हुई ।कार्यक्रम का संचालन करते हुए भाजपा जिला मीडिया प्रभारी आग्नेय कुमार ने कहा भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष के रूप में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रवादी नेता के रूप में विख्यात हुए। महज 33 वर्ष की उम्र में दो बार विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए एक कुशल प्रशासक के रूप में शिक्षण कार्य को बेहतर बनाया।

आजाद भारत में भारी उद्योग मंत्री का दायित्व इन्हें मिला और औद्योगिक विकास के जनक माने गए।परंतु जम्मू कश्मीर एक देश दो निशान और दो प्रधान पर इन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया। जम्मू कश्मीर की यात्रा के दौरान झेलम तट पर इनकी गिरफ्तारी हुई ।जेल में इन्हें नजरबंद किया गया । तभी से कश्मीर का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी का महत्वपूर्ण मुद्दा रहा जो राष्ट्रवाद पर आधारित था। एक सोची-समझी षडयंत्र के द्वारा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की हत्या कश्मीर में हुई तब से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है का नारा बुलंद किया। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 का अंत कर जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाया।

एक देश दो प्रधान दो निशान कानून को खत्म किया ।आज भारत का अभिन्न अंग कश्मीर है। पाक अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है ।भारत सरकार उसे हासिल करने की पूरी कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांत और विचार को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ देवेश कुमार ने कहा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कुशाग्र बुद्धि के व्यक्ति थे। शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाते हुए राष्ट्रवाद की अवधारणा में संपूर्ण भारत में क्रांति किए।

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उनके ही प्रयास से कोलकाता पाकिस्तान में नहीं गया और भारत का अभिन्न बना रहा।देश की एकता अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान सर्वोच्च बलिदान है। आज उनके जन्म जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन है ।
आज के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डॉ देवेश कुमार,पंकज कुमार,महिंद्र प्रसाद, आदित्य विनायक, केशव झा,सोनू कुमार ने उपस्थित होकर श्रद्धांजलि दी।

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