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किडनी स्टोन्स( गुर्दे की पथरी) के रोकथाम कैसे करें :- कंसलटेंट यूरोलोजिस्ट श्याम बाबू प्रसाद

ByFocus News Ab Tak

Jul 31, 2022

बिहार के ख्याति प्राप्त व कई अवार्ड से सम्मानित कंसलटेंट यूरोलोजिस्ट किडनी स्टोन एक्सपर्ट श्याम बाबू प्रसाद नें फोकस न्यूज़ अब तक से खास मुलाकात

किडनी स्टोन एक्सपर्ट श्याम बाबू प्रसाद

किडनी स्टोन्स(गुर्दे की पथरी )क्या है ?

किडनी स्टोन्स मिनरल की सख्त सजावट है ,जो गुर्दे में पथरी का रूप ले लेती है ,पहले बहुत छोटे-छोटे कणों के रूप में इसकी शुरुआत होती है, और समय के साथ बढ़कर वह पथरी बन जाती है । हमारी किडनी रक्त से व्यर्थ पदार्थों को फिल्टर करके, इन्हें किडनी द्वारा तैयार होने वाले पेशाब में शामिल कर देती है । जब पेशाब के व्यर्थ पदार्थ पूरी तरह नहीं घुलते तो ये क्रिस्टल और किडनी स्टोन्स का रूप ले लेता है

यह कैसे बनते हैं ?

आमतौर पर पेशाब में कैमिकल्स होते हैं, जो क्रिस्टल का बनना रोकते हैं । कुछ लोगों को अन्य की तुलना में किडनी स्टोन्स अधिक होते हैं । कुछ कारणों से जैसे बार-बार होने वाले मूत्रनलिका में संक्रमण पानी कम पीने या पेशाब मार्ग में रुकावट के कारण किडनी स्टोन होते हैं ।भोजन में आक्जेलेट या यूरिक एसिड की अधिक मात्रा जरूरत से ज्यादा विटामिन सी या डी कुछ इस तरह दवाओं और पाचन तंत्र संबंधी रोगों के कारण भी गुर्दे में पथरी हो जाती है ।

इसके लक्षण क्या है

छोटे, चिकने किडनी स्टोंस किडनी में ही रहते हैं या बिना किसी दर्द पेशाब के साथ बाहर निकल जाते हैं (इन्हें साइलेंट स्टोंस कहते हैं ) ऐसे स्टोन्स,जी  किडनी से मूत्राशय तक पेशाब  ले जाने वाली नली में जमा हो जाते हैं , यह मूत्र प्रणाली में स्पज्म और दर्द पैदा करता है इस दर्द का स्टोन के आकार से कोई संबंध नहीं होता है और यह अक्सर कमर के नीचे हिस्से में कमर के बाजू या जांघ तक फैल जाता है ।

अन्य लक्ष्ण

० पेट और गुर्दे के आसपास दर्द बार                    ० बार-बार पेशाब लगना                             ०पेशाब में खून आना                                ०मतली और उल्टी।                                  ०पेशाब के समय दर्द                            ०मूत्रनलिका में संक्रमण बुखार ठंड लगना। 

       गुर्दे की पथरी का निदान कैसे होता है ?

पथरी की जगह और दर्द की तीव्रता।             ०एक्सरे KUB यूरिनरी स्टोन्स का 75% और रेडियो ओपेक जो एक्सरे में दर्शाता है ।।          ०अल्ट्रासाउंड यूरिनरी स्टोन्स का बाकी 25% रेडियो ल्युसेन्ट होता है ,जो अल्ट्रासाउंड में दिखाई देता है ।   ।                                               इंट्रावीनस पायलोग्राम (आई वी पी)  इसके लिए नस में कंट्रास्ट(डाय) इंजेक्ट करके कई एक्सरे लिए जाते हैं और किडनी की स्थिति का पता लगाया जाता है ।

इसका उपचार कैसे होता है ?

छोटी पथरी को बाहर निकालने के लिए अधिक मात्रा में पानी पिए । कुछ इस तरह की पथरी दवा लेने से भी कोई जाती है बाहर हाल कैल्शियम की पथरी अपने आप बाहर नहीं निकलती इसका उपचार जरूरी होता है क्या करें और क्या न करें नारियल पानी इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम अधिक होता है इसलिए पत्रिका बनना रुकता है सब्जियां गाजर करेला में मिनरल अधिक होते हैं जो बच्चे के लिए अवरोध के रूप में काम करते हैं ।

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ऑल और गिलास में विटामिन होता है जो शरीर के ऑक्सी लिख विघटन करते हैं और पथरी का बंदा रुकते हैं अनानास जूस इसमें एंजाइम होते हैं जो फैब्रिक स्कोर भी घटित कर के गुर्दे का स्टोन का बनना रुकते हैं फाइबर जाओ और इसमें स्टोन भरपूर मात्रा होते हैं बादाम इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम अधिक होते हैं उनका काम करते हैं सब्जियां टमाटर काजू इसमें अधिक होते हैं इसमें हो सकते हैं फूलगोभी बैगन मशरूम इसमें यूरिक एसिड यूरिन अधिक होता है इससे पथरी बनती है फल और फलों के रस चीकू अंगूर इसमें ऑक्स जेलेट अधिक होते हैं जिससे यूरिनरी स्टोंस बन सकते हैं मांसाहारी खाद मटन चिकन मछली अंडा इसमें यूरिक एसिड पीढ़ी घटक अधिक होते हैं जिससे पथरी बन सकती है चॉकलेट को को अन्य चॉकलेट ड्रिंक चाय और कॉफी इसमें 1 से अधिक होते हैं जिसमें यूरिनरी स्टोंस बन सकते हैं गुर्दे की पथरी की रोकथाम कैसे करें सामान्यतः इसके लिए पानी या तरल पदार्थ अधिक मात्रा में ली हो सके तो खट्टे फल मटन नमक अधिक ऑफ साइलेंट युक्त खाद्य से चॉकलेट ड्राई फ्रूट्स अधिक अंक हैं जिन्हें पथरी की शिकायत हो उन्हें आना नहीं चाहिए क्योंकि इसमें कैल्शियम और टैलेंट स्कूल बनते हैं ऐसे में सरल अधिक मात्रा में पीना चाहिए ताकि शरीर में प्रतिदिन 2 लीटर से अधिक पेशाब बन सके ।

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