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मानसिक स्वास्थ्य पर आरोग्या फाउंडेशन के द्वारा कार्यशाला का आयोजन


मानसिक स्वास्थ्य पर आरोग्या फाउंडेशन के द्वारा कार्यशाला का आयोजन

मानसिक रोगियों के साथ रखे सकारात्मक व्यवहार- डॉ राजेश

समय रहते कराये मानसिक रोगियों का इलाज- डॉ दीपक

डिप्रेशन से बचना है तो व्यस्त रहे, खुश रहे, मस्त रहे- डॉ प्रतिमा

अमित कुमार की रिपोर्ट

सीतामढ़ी:-डुमरा मानसिक स्वास्थ्य विषय पर यूनिसेफ इंडिया एवं इंस्टीट्यूशन फॉर
डीजास्टर, इमर्जेंसी एंड एक्सीडेंट (आईडीईए) के संयुक्त तत्वावधान मे आरोग्या फाउंडेशन फॉर हेल्थ प्रोमोशन एवं कॉम्युनिटि बेस्ड
रेहैबिलिटेशन के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य और मनो समाजिक सहायता सेवाये कार्यक्रम के तहत उच्च माध्यमिक विद्यालय परोहा, परस पट्टी मे स्कूली बच्चों, शिक्षक, पंचायत समिति, आँगनवारी, आशा , वृद्ध व महिलाओ के बीच एक दिवसीय जगरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक निदेशक, समाजिक सुरक्षा कोषांग, निजु कुमार राम, पंचायत समिति, संतोष कुमार पटेल, विद्दालय के प्राचार्य सरोज कुमार, शिक्षक दिलीप कुमार शाही,प्रसिद्ध मनो चिकित्सक डॉ दीपक कुमार, डॉ प्रतिमा आनंद व डॉ राजेश कुमार सुमन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वालित कर किया.

सहायक निदेशक, निजु कुमार राम ने, मानसिक स्वास्थ्य व मानसिक रोगियों के लिए सरकार की योजनाओ पर विस्तृत प्रकाश डाला l यूनिसेफ इंडिया व आईडीया का प्रतिनिधित्व कर रहे शाहरुख जफर ने बताया की मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जगरूकता लाना ,मानसिक स्वास्थ्य विकारों के प्रभावी प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए व्यापक निर्देश प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीतियों और कानूनी ढांचे के माध्यम से पर्यावरण को सक्षम बनाना अनिवार्य है। यह एक बहुक्षेत्रीय जुड़ाव और एक जीवन-पाठ्यक्रम दृष्टिकोण की मांग करता है।

वही, डॉ प्रतिमा आनंद ने बताया की कोविड 19 के बाद हर तरफ मानसिक बीमारी किसी न किसी रूप मे देखा जा रहा है और उसके प्रबंधन के लिए खुद को किसी न किसी रूप मे व्यस्त रखना जरूरी है l

मुख्य वक्ता सह प्रसिद्ध मनो चिकित्सक डॉ दीपक कुमार ने पॉवर पॉइंट के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओ पर विस्तृत जानकारी दी, साथ ही बताया की समय रहते मानसिक बीमारी को काबू मे किया जा सकता है.
डॉ दीपक ने सभी प्रकार की मानसिक विमारियो के लक्षण व उसके रोकथाम पर बिस्तृत जनकारी दी.

कार्यक्रम के आयोजक डॉ राजेश कुमार सुमन ने बताया की समाज के लोगो को भी मानसिक रोगियों के प्रति साकारात्मक व्यवहार रखना चाहिए एवं यथा संभब उनको सहायता करनी चाहिए. डॉ राजेश ने बताया की भारत दुनिया के निम्न और मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में आता है। अनियंत्रित गरीबी और अशिक्षा ऐसे देशों के निवासियों को मानसिक स्वास्थ्य विकारों के प्रति अति संवेदनशील बना देती है, ऐसे मे सामूहिक प्रयास से स्वास्थ्य समाज का निर्माण किया जा सकता हैl

मौके पर डॉ अपेक्षा पंखुरी ने भी स्कूली बच्चों के मानसिक समस्या व ऑटिज्म पर विस्तृत जानकारी दी ।

कार्यक्रम के अंत मे अतिथियों का सम्मान जानकी उद्भव का मोमेंटो दे कर किया गया l कार्यक्रम मे स्कूली बच्चों के अलावा विद्दालय के सभी शिक्षक, आरोग्या के कार्यक्रम प्रभारी राहुल रंजन, बबन कुमार, अरविंद कुमार समेत कई गन्य मान्य उपस्थित थे l

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