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सीतामढ़ी मेहसौल में मुहर्रम के अवसर पर शहीद ए कर्बला कांफ्रेंस आयोजित

ByFocus News Ab Tak

Aug 9, 2022

मो कमर अख्तर की रिपोर्ट

सीतामढ़ी- अमन वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में मुहर्रम के अवसर पर मेहसौल स्थित ईदगाह में शहीद ए कर्बला कांफ्रेंस आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता हाजी नईम ने जबकि मंच संचालन मौलाना नेमतुल्लाह रहमानी ने की। मेहसौल में 2005 से मुहर्रम में ताजिया नही बनाया जाता और जुलूस भी नही निकाला जाता है, बल्कि शहीद ए कर्बला कांफ्रेंस आयोजित की जाती है। शहीद ए कर्बला कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मौलाना अजमत ने कहा कि मुहर्रम के दसवीं तारीख आशुरा कहलाता है।

इस दिन रोजा रखने की बहुत फजीलत है। मुहर्रम के अवसर पर होनेवाली शिरक और बीदअत से बचें। मुहर्रम के अवसर पर लोग चौकी बनाते है, फिर उसे नष्ट करते है। ऐसी जगहों पर जाने से बचे। अपना वक्त इबादत में गुजारे। उन्होंने ताजियादारी के खिलाफ पहल के लिए मेहसौल के नौजवानों की सराहना कि विशेष तौर से संस्था के सचिव अलाउद्दीन बिस्मिल की।

वहीं मौलाना जबीहुल्लाह मोजाहिद ने अपने संबोधन में लोगों से कहा कि हजरत हुसैन हक के लिए लड़े। हक और सच्चाई के लिए वह झुके नहीं। उन्हें यजीद ने शहीद कर दिया। हक एवं इंसाफ के लिए उन्होंने शहादत कुबूल कर ली। उन्होंने मौजूद भीड़ को आगाह किया कि किसी पर अत्याचार नही करे। उनकी बद दुआ से बचे। सब्र करने वालों के साथ अल्लाह है।

मौलाना तारीक अनवर ने कहा कि अल्लाह ने कुरान में फरमाया है, पैंगबर मुहम्मद साहब जिस कार्य का हुक्म दे वह करें, जिस कार्य से रूकने का हुक्म दें उस कार्य से रूक जाए। अगर ताजिया और इस अवसर पर जुलूस जायज होता तो उलेमा आगे आगे होते। इस अवसर पर उलेमा का नामो निशान नही रहता है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि इस्लाम धर्म से ताजियादारी का कोई रिश्ता नहीं है। इससे मुस्लिम समुदाय को परहेज करना चाहिए। कांफ्रेंस को मौलाना एकराम अकमल, मौलाना तनवीर शम्शी आदि ने संबोधित कर लोगों को गलत रीति रिवाज त्याग कांफ्रेंस आयोजित करने की सराहना की। कांफ्रेंस में शायर जफर हबीबी, मौलाना अकील गौहर एवं मेहसौल स्थित मदरसा रहमानिया के छात्रों ने नात पढ़ लोगों को मत्रंमुग्ध कर दिया।

अमन वेलफेयर सोसाइटी के सचिव मो अलाउद्दीन बिस्मिल ने कहा कि 2005 से मुहर्रम के अवसर पर ताजियादारी को समाप्त कर शहीद ए कर्बला कांफ्रेंस आयोजित की जाती है, ताकि मुस्लिम समुदाय में जागरूकता आये और लोग मुहर्रम पर की जाने वाले गलत परम्परा को त्यागे। उन्होंने जिलावासियों से ताजिया न बनाने की अपील की। वहीं नव नियुक्त संस्था के अध्यक्ष हाजी नईम ने कहा कि संस्था कुरीतियों के खिलाफ जो दिशा दिखाने का कार्य कर रही है, वह आगे भी जारी रहेगा। पूर्व की भांति अगले वर्ष कांफ्रेंस दो दिवसीय होगा।

मुस्लिम सिटीजंस फार एम्पावरमेंट के अध्यक्ष मो कमर अख्तर, अल्पसंख्यक एकता मंच के जिला अध्यक्ष मो मुर्तुजा एवं जदयू नेता मो जुनैद ने कहा कि मुहर्रम के अवसर पर चली आ रही परम्परा और रीति रिवाज को त्यागना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहसौल से सीख लेने की आवश्यकता है। अलाउद्दीन बिस्मिल एवं मेहसौल के नवयुवकों ने पिछले 17 वर्षों से कुरीतियों को त्यागने का संदेश देते आ रहे हैं।
कांफ्रेंस में पूर्व अध्यक्ष हाजी हबीबुर्रहमान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके मगफिरत की दुआ की गई। वहीं इस अवसर पर संस्था के सचिव द्वारा हाजी नईम को संस्था के नये अध्यक्ष की घोषणा की गई।

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कांफ्रेंस मौलाना अजमत के दुआ के साथ रात्रि तीन बजे सम्पन्न हुआ। मौलाना अजमत ने देश एवं समाज में अमन शांति की दुआ की एवं समाज में आपसी सद्भभाव एवं भाईचारा कायम रखने की अल्लाह से दुआ मांगी गई। कांफ्रेस में हसनैन अरबियन
नसीम अरबियन, अरशी शान,
आरज़ू मुख्तार, सेख आरिफ, मीना टेंट, मो सरफुद्दीन,
सिकन्दर हयात खान, मो इरशाद
सिफत हबीबी, मुन्ना तस्लीम,
मो सलाउद्दीन, रहमतुल्लाह, अकबर, मो मोईनुद्दीन उर्फ मिन्टू समेत सैकड़ों महिला पुरुष मौजूद थे।

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